रात से हुई बात

रात आई मुझसे कहने एक बार, आज नींद के बदले मुझसे दोस्ती करलो
मुझे कुछ कहना है कई दिनों से तुमसे, तो आज सपनो से आँखे मींच लो!
पहले थोड़ा अटपटा लगा, फिर व्याकुल मन को यह प्रस्ताव अच्छा लगा
मैंने कहा चलो, एक प्याली चाय के साथ, बैठे और सुने तुम्हारी बात!

उसकी आवाज़ के सन्नाटे में, उसके शब्दों की सच्चाई थी
जो मेरे मन के किसी वीरान कोने को कचोट गयी!
जब जब वो कुछ कहती, तब तब मेरे मन में ऐसे विचार प्रकट होते, जिनका मुझे कभी आभास न था
उसके जस्बात मेरे कई ऐसे जस्बात जगा देते, जिनकी मैं कल्पना भी न करती थी!

वो प्रश्न-उत्तर का ऐसा चक्रव्यूह रचती, जिसमे मैं अपने आप से ही लड़ बैठती
कुछ पल में ही मैं अपने आपको कोई और पति , और फिर कुछ पल में कोई और!
कभी बेहद खुश , कभी केवल उदास , कभी गिर गिर कर हस्ती तो कभी फूट फूट कर रोती
ऐसा लगता जैसे वो मुझे मेरी कई अनोखी शख्सियतों से पहचान करवा रही थी!
फिर कुछ देर हम दोनों ही चुप हो जाते, उस ख़ामोशी में जो सुकून था
वो नींद की गहरी वादियों में कभी न मिला!

दिन अपने साथ उजाला लत है , पर उस उजले में कई पहलू चिप जाती है
दिन अपने साथ शोर लत है, जिसमे कई सच्चाईयों बस गम होक रह जाती है!
दिन हमें एक ऐसे दुनिया दिखता है जो हमने बनायीं है, अपने आराम के लिए
रात की ख़ामोशी कुछ नए राज़ सुनती है, रात का अँधेरा कुछ नए दृश्य उजागर करता है
रात वो दुनिया दिखती है जो हमेशा रहेगी, हम रहे या न रहें, उजाला रहे या न रहे!

मैं अपनी इन बातों में उलझी थी जब नींद की आहट हुयी
उसने कहा, चलो अब मेरे साथ भी दो वक्त बिता लो, रात तुम्हारी हमसफ़र तो नहीं!
मैंने पलट कर देखा तो रात जा चुकी थी, सवेरा होने में बस दो घंटे रह गए थे
मैंने गुज़री हुई उस रात को शुक्रिया कहा और सुकून से नींद की बाँहों में घिर गयी!

तमन्ना है की वो फिर किसी रोज़ आएगी और फिर मुझे मेरे किसी नए रूप से मिलवा जाएगी!

5 Replies to “रात से हुई बात”

  1. Thank you Mr. Pandey!!! 🙂 :P…Yes i will try my best.

  2. This one will need a couple more readings before i understand it completely…

  3. Raat bhar raat aapse baatein karti rahi… Bas yuhi dheere dheere wo aapki saheli ban gayi..
    Bahut achcha likha hai..ek dard hai isme… ?

  4. Behad umda khayal, bahut khubsurat andaz-e-bayan!
    Intense ??

    1. Thank you so much, Saket!

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